माँ का आँचल हरदम मैंने अपने ऊपर पाया है, मेरे ऊपर अभी तलक भी माँ का मेरी साया है लोगों का दिल भरा बाहर से, अंदर से… Read more

शायरी 

लब खामोश, जुल्फ खुली, नज़रों में गहराई है, अबकी बार इश्क़ की, महफ़िल में रुसवाई है। अपना हाथ बढ़ा देते है, मैं जब गिरने लगता हूँ दुनिया… Read more “शायरी “